EVM मशीन कैसे काम करती है? | Working Of EVM

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भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और यहां चुनाव एक विशाल लोकतांत्रिक प्रक्रिया के रूप में आयोजित किए जाते हैं। वर्तमान समय में देश के कई राज्यों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिससे चुनावी माहौल पूरे देश में चर्चा का विषय बना हुआ है।

भारत निर्वाचन आयोग ने 2026 के विधानसभा चुनावों के लिए पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में मतदान की तारीखों की घोषणा कर दी है। इन चुनावों में लगभग 17.4 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

चुनाव कार्यक्रम के अनुसार:

  • असम, केरल और पुडुचेरी में मतदान 9 अप्रैल 2026 को होगा

  • तमिलनाडु में मतदान 23 अप्रैल 2026 को होगा

  • पश्चिम बंगाल में मतदान दो चरणों (23 और 29 अप्रैल) में होगा

  • सभी राज्यों के चुनाव परिणाम 4 मई 2026 को घोषित किए जाएंगे

इतने बड़े पैमाने पर चुनाव कराने के लिए भारत में Electronic Voting Machine (EVM) का उपयोग किया जाता है, जिससे मतदान प्रक्रिया तेज़, सुरक्षित और पारदर्शी बनती है।

इसी कारण यह समझना बेहद जरूरी है कि EVM मशीन क्या है और यह कैसे काम करती है


EVM क्या है?

EVM (Electronic Voting Machine) एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जिसका उपयोग चुनाव में वोट डालने और उन्हें सुरक्षित रूप से रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता है।

भारत में EVM का उपयोग पहली बार 1990 के दशक में प्रयोग के रूप में किया गया था और 2004 से सभी लोकसभा चुनावों में पूरी तरह लागू हो गया।


EVM मशीन के मुख्य भाग

भारत की EVM आमतौर पर तीन भागों से मिलकर बनी होती है।

1️⃣ Ballot Unit (BU)

यह वह मशीन होती है जहाँ मतदाता बटन दबाकर वोट देता है।

EVM Ballot Unit with candidate buttons used for voting in Indian elections

इसमें होते हैं:

  • उम्मीदवारों के नाम

  • पार्टी का चुनाव चिन्ह

  • वोट डालने का बटन

जब मतदाता बटन दबाता है तो मशीन बीप की आवाज करती है जिससे पता चलता है कि वोट दर्ज हो गया।


2️⃣ Control Unit (CU)

यह मशीन मतदान अधिकारी के पास रहती है।

Control Unit of EVM used by polling officer to control voting process

इसका काम है:

  • वोटिंग शुरू करना

  • एक-एक करके वोट की अनुमति देना

  • कुल वोटों को सुरक्षित रखना

मतदान अधिकारी हर वोटर के लिए Ballot बटन दबाकर अनुमति देता है


3️⃣ VVPAT मशीन

VVPAT (Voter Verifiable Paper Audit Trail) वोट की पुष्टि करने के लिए इस्तेमाल होती है।

VVPAT machine showing printed vote slip for verification in Indian elections

जब वोट डाला जाता है तो:

  • एक छोटी पर्ची निकलती है

  • उसमें उम्मीदवार का नाम और चुनाव चिन्ह होता है

  • यह पर्ची लगभग 7 सेकंड तक दिखाई देती है

फिर वह पर्ची सीलबंद बॉक्स में गिर जाती है


EVM मशीन में वोट कैसे डाला जाता है?

EVM से वोट डालने की प्रक्रिया बहुत आसान है।

Step-by-Step प्रक्रिया

1️⃣ मतदाता पहचान की जांच होती है
2️⃣ मतदान अधिकारी Control Unit में Ballot बटन दबाता है
3️⃣ Ballot Unit सक्रिय हो जाती है
4️⃣ मतदाता अपनी पसंद के उम्मीदवार के सामने बटन दबाता है
5️⃣ मशीन बीप करती है
6️⃣ VVPAT पर्ची में वोट दिखता है

इस तरह वोट सुरक्षित रूप से रिकॉर्ड हो जाता है।


क्या EVM को हैक किया जा सकता है?

भारत की EVM को हैक करना बहुत मुश्किल माना जाता है क्योंकि:

  • यह इंटरनेट से जुड़ी नहीं होती

  • इसमें Wi-Fi या Bluetooth नहीं होता

  • मशीन का सॉफ्टवेयर चिप में स्थायी रूप से प्रोग्राम किया जाता है

  • चुनाव से पहले मॉक पोल टेस्ट किया जाता है

  • मशीनें सील और सुरक्षा में रखी जाती हैं

इसी कारण इसे काफी सुरक्षित चुनाव प्रणाली माना जाता है।


EVM के फायदे

EVM का उपयोग करने से कई फायदे हुए हैं:

✅ वोटिंग तेज़ होती है
✅ गिनती जल्दी हो जाती है
✅ फर्जी वोटिंग कम होती है
✅ कागज़ की बचत होती है
✅ चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी बनती है

पहले बैलेट पेपर से वोट गिनने में कई दिन लग जाते थे, जबकि EVM से कुछ घंटों में परिणाम आ जाते हैं।


EVM के बारे में 5 रोचक तथ्य

1️⃣ एक EVM मशीन में 2000 से अधिक वोट रिकॉर्ड हो सकते हैं।
2️⃣ एक Ballot Unit में 16 उम्मीदवार तक हो सकते हैं।
3️⃣ जरूरत पड़ने पर 4 Ballot Unit जोड़ी जा सकती हैं
4️⃣ EVM बैटरी से चलती है, इसलिए बिजली की जरूरत नहीं।
5️⃣ भारत दुनिया का पहला देश है जिसने इतने बड़े स्तर पर EVM का उपयोग किया।


निष्कर्ष

EVM मशीन ने भारत की चुनाव प्रक्रिया को तेज़, सुरक्षित और पारदर्शी बनाया है।
Control Unit, Ballot Unit और VVPAT मिलकर यह सुनिश्चित करते हैं कि हर वोट सही तरीके से रिकॉर्ड हो और मतदाता को उसका भरोसा भी मिले।

EVM मशीन से जुड़े अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

1. ईवीएम मशीन क्या है?

ईवीएम (Electronic Voting Machine) एक इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है जिसका उपयोग चुनाव में वोट रिकॉर्ड करने के लिए किया जाता है। इसमें मतदाता बटन दबाकर अपनी पसंद के उम्मीदवार को वोट देता है और मशीन उस वोट को सुरक्षित रूप से संग्रहित कर लेती है।


2. EVM क्या है in Hindi?

EVM का पूरा नाम Electronic Voting Machine है। हिंदी में इसे इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन कहा जाता है। इसका उपयोग चुनाव में मतदान प्रक्रिया को तेज, सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए किया जाता है।


3. भारत में EVM का प्रयोग सर्वप्रथम कब हुआ?

भारत में EVM का पहला प्रयोग 1982 में केरल के पारूर विधानसभा क्षेत्र के कुछ मतदान केंद्रों पर किया गया था। इसके बाद कई वर्षों के परीक्षण के बाद 2004 से सभी लोकसभा चुनावों में EVM का पूर्ण उपयोग शुरू हो गया।


4. ईवीएम मशीन में कितने बटन होते हैं?

एक Ballot Unit में आमतौर पर 16 उम्मीदवारों तक के लिए बटन होते हैं। यदि उम्मीदवारों की संख्या अधिक हो तो एक EVM में 4 Ballot Units तक जोड़ी जा सकती हैं, जिससे अधिक उम्मीदवारों के लिए वोटिंग संभव हो जाती है।


5. ईवीएम मशीन कहां बनती है?

भारत में EVM मशीनें मुख्य रूप से दो सरकारी कंपनियां बनाती हैं:

  • Bharat Electronics Limited (BEL)

  • Electronics Corporation of India Limited (ECIL)

ये मशीनें पूरी तरह से भारत में ही निर्मित होती हैं।


6. ईवीएम मशीन का आविष्कार किसने किया?

भारत में EVM मशीन के विकास में Election Commission of India के साथ BEL और ECIL के इंजीनियरों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसे भारतीय चुनाव प्रणाली के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया।


7. इलेक्ट्रॉनिक मशीन क्या है?

इलेक्ट्रॉनिक मशीन वह उपकरण होता है जो इलेक्ट्रॉनिक सर्किट और माइक्रोप्रोसेसर की मदद से कार्य करता है। उदाहरण के लिए कंप्यूटर, कैलकुलेटर, मोबाइल फोन और EVM जैसी मशीनें इलेक्ट्रॉनिक मशीन कहलाती हैं।


8. क्या EVM मशीन को हैक किया जा सकता है?

भारत में इस्तेमाल होने वाली EVM मशीनें इंटरनेट, ब्लूटूथ या वाई-फाई से जुड़ी नहीं होती, इसलिए इन्हें दूर से हैक करना संभव नहीं माना जाता। चुनाव से पहले इन मशीनों का कई बार परीक्षण भी किया जाता है।


9. एक EVM मशीन में कितने वोट रिकॉर्ड हो सकते हैं?

एक Control Unit में लगभग 2000 से अधिक वोट रिकॉर्ड करने की क्षमता होती है। इससे बड़े मतदान केंद्रों में भी वोट सुरक्षित रूप से रिकॉर्ड किए जा सकते हैं।


10. EVM के साथ VVPAT मशीन क्यों लगाई जाती है?

VVPAT (Voter Verifiable Paper Audit Trail) मतदाता को यह पुष्टि करने का अवसर देती है कि उसका वोट सही उम्मीदवार को गया है। वोट डालने के बाद एक पर्ची कुछ सेकंड के लिए दिखाई देती है और फिर सुरक्षित बॉक्स में गिर जाती है।

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