Pornhub Web Blocking Case 2026: जर्मन कोर्ट ने Digital Services Act के तहत ब्लॉकिंग आदेश किया रद्द
जर्मनी में अश्लील वेबसाइटों पर वेब-ब्लॉकिंग को लेकर चल रहे लंबे कानूनी विवाद में एक बड़ा मोड़ आ गया है। Neustadt an der Weinstraße Administrative Court (जर्मनी) ने जनवरी 13, 2026 को सार्वजनिक किए गए अपने फैसले में Aylo समूह (पूर्व में Mindgeek) की वेबसाइटों – जिनमें Pornhub और YouPorn शामिल हैं – पर लगाए गए DNS ब्लॉकिंग आदेश को रद्द कर दिया।
यह ब्लॉक अप्रैल 2024 में Rhineland-Palatinate की मीडिया अथॉरिटी द्वारा लगाया गया था। अदालत ने इंटरनेट सेवा प्रदाता 1&1 और Aylo समूह द्वारा दायर याचिकाओं को पूरी तरह स्वीकार कर लिया।
मामला क्या था?
जर्मन मीडिया नियामकों का तर्क था कि Aylo समूह की वेबसाइटें Interstate Treaty on Youth Media Protection (JMStV) का उल्लंघन कर रही हैं, क्योंकि उनके आयु सत्यापन (Age Verification) सिस्टम पर्याप्त नहीं थे।
इस आधार पर उन्होंने DNS स्तर पर वेबसाइटों को ब्लॉक करने का आदेश दिया।
लेकिन अदालत ने कहा कि यह कदम राष्ट्रीय स्तर की एकतरफा कार्रवाई है, जो यूरोपीय कानून के तहत स्वीकार्य नहीं है।
Digital Services Act (DSA) बना मुख्य आधार
प्रशासनिक अदालत की 5वीं चैंबर ने स्पष्ट किया कि:
यूरोपीय संघ स्तर पर अब इंटरनेट के लिए एक समान और पूर्ण रूप से समन्वित नियामक ढांचा मौजूद है।
DSA में नाबालिगों की सुरक्षा के लिए व्यापक दायित्व (Due Diligence Obligations) पहले से ही शामिल हैं।
इसलिए, जर्मन प्राधिकरणों के पास अन्य EU देशों में स्थित सेवा प्रदाताओं पर JMStV के आधार पर कार्रवाई करने का कानूनी आधार नहीं है।
EU कानून की सर्वोच्चता (Primacy of EU Law)
अदालत ने कहा कि EU कानून की सर्वोच्चता के सिद्धांत के तहत, जर्मन राज्य मीडिया प्राधिकरणों के उपकरण इस मामले में अप्रभावी हो गए हैं।
डिजिटल दुनिया में, जहां आंतरिक सीमाएँ नहीं हैं, राष्ट्रीय कानून EU कानून से ऊपर नहीं हो सकता।
Country of Origin Principle: किस देश का कानून लागू होगा?
फैसले का दूसरा महत्वपूर्ण स्तंभ है Country of Origin Principle।
इस सिद्धांत के अनुसार:
डिजिटल सेवा प्रदाता सामान्यतः उसी सदस्य देश के कानूनों के अधीन होते हैं, जहाँ वे स्थापित हैं।
इस मामले में Aylo समूह Cyprus में पंजीकृत है।
इसलिए प्राथमिक नियामक अधिकार साइप्रस का होगा, न कि जर्मनी का।
हालांकि EU कानून कुछ विशेष परिस्थितियों में अपवाद की अनुमति देता है, लेकिन European Court of Justice (ECJ) ने हाल ही में इन अपवादों की शर्तों को और सख्त कर दिया है।
अदालत ने कहा कि JMStV जैसे सामान्य और व्यापक राष्ट्रीय कानून, EU में सेवाओं की स्वतंत्र आवाजाही को सीमित करने के लिए पर्याप्त नहीं हैं।
Very Large Online Platforms (VLOPs) का प्रभाव
जब कोई प्लेटफॉर्म EU आयोग द्वारा Very Large Online Platform (VLOP) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, तो उसकी निगरानी सीधे यूरोपीय आयोग के अधिकार क्षेत्र में आ जाती है।
ऐसे मामलों में जर्मन पर्यवेक्षकों की भूमिका प्रभावी रूप से समाप्त हो जाती है, क्योंकि:
यूरोपीय आयोग पहले से ही ऐसे बड़े प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ अपनी कार्यवाही शुरू कर चुका है।
इससे राष्ट्रीय स्तर की कार्रवाई कमजोर हो जाती है।
पहले के फैसलों से अलग रुख
यह निर्णय एक टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है।
पहले:
Munich Administrative Court
Berlin-Brandenburg के मीडिया नियामकों
ने Aylo पर "Compliance" की कमी का आरोप लगाते हुए ब्लॉकिंग आदेशों को सही ठहराया था।
लेकिन Neustadt अदालत ने Düsseldorf Administrative Court के रुख का समर्थन किया, जिसने 2025 के अंत में कहा था कि JMStV की कठोर आवश्यकताएँ नई EU कानूनी व्यवस्था के संदर्भ में टिकाऊ नहीं हैं।
क्या जर्मनी में वेब ब्लॉकिंग पूरी तरह खत्म हो गई?
नहीं।
अदालत ने इस मामले की मौलिक महत्वता को देखते हुए Rhineland-Palatinate के Higher Administrative Court में अपील की अनुमति दे दी है।
लेकिन यह फैसला नियामकों के लिए एक स्पष्ट संकेत है:
विदेशी वेबसाइटों के खिलाफ इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को “सहायक पुलिस” की तरह इस्तेमाल करने के दिन अब खत्म होते दिख रहे हैं।
1&1 के लिए बड़ी राहत
1&1 जैसे इंटरनेट सेवा प्रदाताओं के लिए यह एक बड़ी अंतरिम जीत है।
वे कई वर्षों से इन तकनीकी रूप से जटिल और अक्सर अप्रभावी DNS ब्लॉकों के खिलाफ लड़ रहे थे।
अदालत का यह फैसला उनके रुख को मजबूती देता है।
Neustadt अदालत का यह फैसला केवल Pornhub या Aylo समूह के लिए नहीं, बल्कि पूरे यूरोप में डिजिटल नियमन के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है।
यह निर्णय स्पष्ट करता है कि:
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इंटरनेट पर नियंत्रण अब राष्ट्रीय स्तर की बजाय EU स्तर पर केंद्रित होगा।
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Digital Services Act ने सदस्य देशों की एकतरफा कार्रवाइयों की सीमा तय कर दी है।
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वेब ब्लॉकिंग जैसे उपायों की कानूनी वैधता भविष्य में और अधिक चुनौतीपूर्ण होगी।
डिजिटल युग में, सीमाहीन इंटरनेट के लिए एकीकृत कानून ही निर्णायक भूमिका निभाएगा।