गर्म चीजों के छूने से जलन क्यों होती है?

गर्म चीजों के छूने से जलन क्यों होती है?
गर्म चीजों के छूने से जलन क्यों होती है?

जब हमारे शरीर के किसी अंग से गर्म वस्तु का स्पर्श होता है, तब शरीर के उस हिस्से में जलन होने लगती है। क्या आप जानते हो कि ऐसा क्यों होता है?

हम जानते हैं कि हमारा शरीर कोशिकाओं से मिलकर बना है और ये कोशिकाएं अणुओं से मिलकर बनी हैं। हमारे शरीर का एक निश्चित तापमान है, उससे अधिक तापमान की किसी वस्तु को जब हम छूते हैं, तब हमारी त्वचा की कोशिकाओं के अणु उसकी ऊष्मा को ग्रहण कर कंपन करने लगते हैं, इससे वह वस्तु हमें गर्म महसूस होती है।

वस्तु जितनी अधिक गर्म होगी हमारी कोशिकाओं के अणुओं का कंपन भी उतनी ही तेजी से होने लगेगा। इसी कंपन के कारण हमें जलन का अहसास तेज होता जाता है। यदि वस्तु बहुत अधिक गर्म है, तब कंपन की तीव्रता हमारी कोशिकाओं को नष्ट करने लगती है। कोशिकाओं के नष्ट होने की सूचना मिलते ही हमारा मस्तिष्क टूटी हुई कोशिकाओं को ठीक करने के लिए उस स्थान की ओर खून का बहाव और तेज कर देता है। यही कारण है कि जहां गर्म चीज़ हमारे शरीर को स्पर्श करती है, वह जगह लाल हो जाती है

यदि स्पर्श करने वाली वस्तु का तापमान काफी अधिक होता है, तब त्वचा के अंदर की बहुत सी कोशिकाएं, चर्बी (Fats) और हड्डियों के अणु भी छिन्न-भिन्न हो जाते हैं। इससे शरीर में गहरे घाव हो जाते हैं। इस प्रकार से जलने पर घावों को त्वचा आरोपित करके ठीक किया जाता है।

जलने के कारण होने वाले घावों की तीन अवस्थाएं (degrees) होती हैं। पहली अवस्था में जलने के कारण त्वचा की केवल ऊपरी परत लाल पड़ जाती है। दूसरी अवस्था के घावों में त्वचा की अंदरूनी परतों को नुकसान पहुंचता है और फफोले पड़ जाते हैं। तीसरी अवस्था में त्वचा की सभी परतें जल जाती हैं। त्वचा और उसके नीचे के ऊतकों (Tissues) को भी नुकसान पहुंचता है। 

हमारी त्वचा ताप के अतिरिक्त रसायनों, अम्लों, छारों, एक्स-रेज और रेडियोधर्मी (radioactive) किरणों आदि से भी जल जाती है।

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