ईरान ने strait of hormuz खोला : दुश्मन जहाजों के लिए रास्ता बंद

iran opens strait of hormuz | ईरान का दुश्मन जहाजों के लिए रास्ता बंद

नई दिल्ली, 22 मार्च 2026 : मध्य पूर्व (West Asia) में जारी संघर्ष अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का कड़ा "अल्टीमेटम" देते हुए चेतावनी दी है कि यदि 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz) को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए पूरी तरह नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के पावर ग्रिड और बुनियादी ढांचे को "तबाह" कर देगा।

यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब दुनिया के कुल तेल और लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर अपनी पोस्ट में स्पष्ट कहा कि यदि सोमवार रात (GMT) तक नाकाबंदी नहीं हटाई गई, तो अमेरिका ईरान के बिजली संयंत्रों को निशाना बनाना शुरू कर देगा।

ईरान का रुख: "दुश्मन जहाजों के लिए रास्ता बंद"

ट्रंप की धमकी के जवाब में, अंतरराष्ट्रीय समुद्री एजेंसी में ईरान के प्रतिनिधि अली मौसवी ने रविवार को स्पष्ट किया कि यह जलमार्ग "तटस्थ" जहाजों के लिए खुला है। हालांकि, उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि अमेरिका और इजरायल जैसे "ईरानी दुश्मनों" से जुड़े जहाजों को वहां से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

तेहरान का दावा है कि उसकी कार्रवाई अमेरिकी और इजरायली सेना के "आक्रमण" का जवाब है। ईरानी सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनके पावर ग्रिड पर हमला हुआ, तो वे पूरे मध्य पूर्व में अमेरिकी हितों से जुड़े ऊर्जा और आईटी बुनियादी ढांचे पर "जैसे को तैसा" हमला करेंगे।

युद्ध की भीषण स्थिति और बढ़ती मौतें

कूटनीतिक गतिरोध के बीच जमीन पर हिंसा और तेज हो गई है:

  • इजरायल पर मिसाइल हमले: शनिवार को ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों ने दक्षिणी इजरायल के अराद और डिमोना शहरों को निशाना बनाया, जिसमें 100 से अधिक लोग घायल हो गए।

  • हिजबुल्लाह की कार्रवाई: उत्तरी इजरायल के मिसगाँव आम (Misgav Am) में हिजबुल्लाह के रॉकेट हमले में एक नागरिक की मौत हो गई।

  • बढ़ता मृत्यु दर: वर्तमान अनुमानों के अनुसार, ईरान में मरने वालों की संख्या 1,500 और लेबनान में 1,000 को पार कर गई है, जबकि लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं।

भारत के लिए चिंता का विषय

नई दिल्ली में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की ऊर्जा सुरक्षा की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई है। वर्तमान में 22 भारतीय जहाज पश्चिमी फारस की खाड़ी में फंसे हुए हैं। भारत सरकार का मुख्य ध्यान कच्चे तेल और उर्वरक की आपूर्ति को स्थिर रखने पर है, ताकि घरेलू अर्थव्यवस्था पर इस संकट का सीधा असर न पड़े।

क्या होगा अगर अल्टीमेटम खत्म हुआ?

जैसे-जैसे 48 घंटे की समय सीमा समाप्त हो रही है, पूरी दुनिया की नजरें सोमवार के घटनाक्रम पर टिकी हैं। बाजार विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका प्रत्यक्ष सैन्य कार्रवाई करता है, तो वैश्विक शेयर बाजारों में भारी गिरावट आ सकती है और तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, जिससे एक वैश्विक "ब्लैक मंडे" (Black Monday) जैसी स्थिति पैदा हो सकती है।

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Author Bio

✍️ रोहित कुमार

Vigyan Ki Duniya के संस्थापक | विज्ञान और टेक्नोलॉजी को सरल हिंदी में समझाते हैं। 400+ लेख प्रकाशित।