🚀 PSLV से आगे का भारत: रॉकेट विफलता को समझने का आसान लेकिन गहरा Explainer

PSLV की लगातार दो विफलताओं ने ISRO और भारत के अंतरिक्ष मिशनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानिए तकनीकी कारण, खतरे और आगे की राह।


जब भी कोई रॉकेट फेल होता है, आम लोगों के मन में पहला सवाल यही होता है —
“आख़िर खराबी कहाँ आई?”

PSLV जैसे चार-स्टेज रॉकेट में यह समझना ज़रूरी है कि हर स्टेज क्या करता है और एक छोटी गड़बड़ी कैसे पूरे मिशन को खत्म कर देती है


🧩 PSLV को स्टेज-बाय-स्टेज समझिए (Simple Explainer)

🔹 स्टेज-1 (PS1): ताक़त की शुरुआत

  • ठोस ईंधन (Solid Fuel)

  • रॉकेट को ज़मीन से उठाने का काम

  • यहाँ ज़्यादातर चीज़ें स्थिर होती हैं

👉 इस स्टेज में समस्या कम आती है क्योंकि डिज़ाइन बहुत मज़बूत है।


🔹 स्टेज-2 (PS2): दिशा को संभालना

  • तरल ईंधन (Liquid Engine)

  • रॉकेट को सही दिशा में मोड़ता है

  • कंप्यूटर कंट्रोल ज़्यादा होता है

👉 यहाँ sensor और software अहम भूमिका निभाते हैं।


🔴 स्टेज-3 (PS3): सबसे संवेदनशील हिस्सा

  • फिर से ठोस ईंधन

  • अंतरिक्ष की सीमा में काम करता है

  • यहीं से orbital energy बनती है

2025 और 2026 — दोनों PSLV failures इसी स्टेज में हुए

यही वह बिंदु है जहाँ छोटी सी अस्थिरता भी पूरे मिशन को बर्बाद कर सकती है।


🔹 स्टेज-4 (PS4): अंतिम और सटीक वार

  • बहुत कम thrust

  • सैटेलाइट को exact कक्षा में डालता है

  • micrometer-level accuracy चाहिए

👉 अगर PS3 गड़बड़ करे, तो PS4 को मौका ही नहीं मिलता।


⚠️ PS3 स्टेज बार-बार क्यों फेल हो रही है? (Core Analysis)

संभावित कारण (ISRO की आधिकारिक पुष्टि से पहले):

1️⃣ Solid Fuel में microscopic cracks

  • ईंधन के अंदर सूक्ष्म दरार

  • जलते समय uneven pressure

  • thrust imbalance

2️⃣ Combustion Instability

  • ईंधन समान रूप से नहीं जलता

  • pressure oscillations पैदा होती हैं

3️⃣ Nozzle geometry defect

  • नोज़ल का छोटा-सा आकार दोष

  • thrust गलत दिशा में चला जाता है

👉 इन तीनों में से कोई एक भी कारण काफ़ी है रॉकेट को खोने के लिए।


🔬 क्यों Solid Fuel आज की दुनिया में रिस्की है?

Solid EngineLiquid Engine
सस्तामहँगा
सरलजटिल
control नहींthrottle possible
shutdown असंभवemergency shutdown

यही कारण है कि:

  • NASA

  • SpaceX

  • ESA

धीरे-धीरे Solid engines से दूरी बना रहे हैं।


📉 क्या PSLV अब टेक्नोलॉजी के लिहाज़ से पुराना हो चुका है?

कड़वा सच यह है:

  • PSLV का core design 1990s का है

  • आज के satellites:

    • ज़्यादा sensitive

    • ज़्यादा precise

    • ज़्यादा data-critical हैं

आज की दुनिया में:

  • AI-based fault detection

  • real-time trajectory correction

  • adaptive thrust control

ज़रूरी हो चुका है।


🆚 PSLV बनाम SSLV बनाम LVM3 (Quick Comparison)

FeaturePSLVSSLVLVM3
Eraपुरानानयाआधुनिक
PayloadMediumSmallHeavy
Redundancyकमसीमितबहुत ज़्यादा
Human rated
Future useघटेगाबढ़ेगाबहुत बढ़ेगा

👉 यह साफ दिखाता है कि ISRO खुद भी बदलाव की दिशा में बढ़ चुका है।


🛡️ राष्ट्रीय सुरक्षा पर इसका क्या असर पड़ा?

PSLV-C62 में:

  • surveillance payloads

  • experimental defense satellites

  • तकनीकी परीक्षण payload

इनके नुकसान का मतलब:

  • डेटा गैप

  • रणनीतिक देरी

  • दोबारा लॉन्च का खर्च

अंतरिक्ष अब केवल विज्ञान नहीं, रणनीतिक शक्ति है।


🔁 इतिहास बताता है: विफलता से ही छलांग लगती है

  • Challenger disaster के बाद NASA बदला

  • Falcon-1 के 3 failures के बाद SpaceX बना

  • Ariane-5 पहले ही मिशन में फेल हुआ

👉 हर बड़ी स्पेस पावर ने failure को redesign में बदला।


🧠 ISRO के लिए आगे की राह (Expert Opinion)

✔️ PSLV का सीमित उपयोग

✔️ PS3 का complete redesign या retirement

✔️ SSLV को commercial missions देना

✔️ LVM3 को future backbone बनाना

✔️ Private launch कंपनियों को space देना

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