EV मोटर में टॉर्क क्यों ज्यादा होता है?
इलेक्ट्रिक वाहन (EV) आज के समय में ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री की तस्वीर बदल रहे हैं। जब भी हम इलेक्ट्रिक कारों की तुलना पेट्रोल या डीजल इंजन (ICE) वाली कारों से करते हैं, तो सबसे पहले 'इंस्टेंट टॉर्क' (Instant Torque) का जिक्र आता है।
लेकिन ऐसा क्यों है कि एक छोटी सी इलेक्ट्रिक मोटर, भारी-भरकम डीजल इंजन से भी ज्यादा और तेज टॉर्क पैदा कर पाती है? आइए इसके पीछे के वैज्ञानिक और तकनीकी कारणों को समझते हैं।
1. टॉर्क क्या है? (सरल शब्दों में)
टॉर्क वह रोटेशनल फोर्स (घूर्णन बल) है जो किसी पहिये को घुमाने में मदद करता है। गाड़ी को स्थिर अवस्था से आगे बढ़ाने के लिए इसी बल की आवश्यकता होती है। जितना अधिक टॉर्क होगा, गाड़ी उतनी ही तेजी से 'पिक-अप' लेगी।
2. इलेक्ट्रिक मोटर में टॉर्क ज्यादा होने के प्रमुख कारण
A. अधिकतम टॉर्क 0 RPM से ही उपलब्ध
यह सबसे बड़ा अंतर है। एक पेट्रोल या डीजल इंजन को टॉर्क पैदा करने के लिए एक निश्चित गति (RPM) तक पहुंचना पड़ता है। उदाहरण के लिए, एक इंजन को अपना अधिकतम टॉर्क देने के लिए 2000 से 4000 RPM की जरूरत होती है।
इसके विपरीत, इलेक्ट्रिक मोटर में जैसे ही करंट प्रवाहित होता है, चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) तुरंत बन जाता है और मोटर 0 RPM पर ही अपना 100% टॉर्क देने लगती है।
B. चुंबकीय क्षेत्र की शक्ति (Electromagnetism)
इलेक्ट्रिक मोटर बिजली और चुंबकत्व के सिद्धांत पर काम करती है। इसमें स्टेटर (Stator) और रोटर (Rotor) के बीच बहुत शक्तिशाली चुंबकीय खिंचाव और धक्का (Push and Pull) होता है। क्योंकि बिजली को बहुत तेजी से कंट्रोल किया जा सकता है, इसलिए मोटर के भीतर यह बल बहुत ही सघन और शक्तिशाली होता है, जो हाई टॉर्क पैदा करता है।
C. ट्रांसमिशन और गियरबॉक्स की अनुपस्थिति
पारंपरिक कारों में इंजन की शक्ति को पहियों तक पहुंचाने के लिए एक जटिल गियरबॉक्स (Transmission) की जरूरत होती है। इस प्रक्रिया में घर्षण के कारण कुछ ऊर्जा और टॉर्क का नुकसान हो जाता है। EV में आमतौर पर सिंगल-स्पीड गियरबॉक्स होता है या मोटर सीधे पहियों से जुड़ी होती है, जिससे टॉर्क का नुकसान नहीं होता।
3. इलेक्ट्रिक मोटर बनाम इंटरनल कम्बशन इंजन (ICE)
| विशेषता | इलेक्ट्रिक मोटर | पेट्रोल/डीजल इंजन |
| टॉर्क की उपलब्धता | तुरंत (0 RPM से) | गति बढ़ने पर (High RPM पर) |
| जटिलता | बहुत कम (कम मूविंग पार्ट्स) | बहुत अधिक (सैकड़ों पार्ट्स) |
| प्रतिक्रिया समय | मिलीसेकंड्स में | सेकंड्स में (ईंधन जलने की प्रक्रिया के कारण) |
| दक्षता (Efficiency) | 90% से ज्यादा | लगभग 25-35% |
4. इसका चालक के लिए क्या मतलब है?
ज्यादा और इंस्टेंट टॉर्क होने की वजह से EV चलाने का अनुभव काफी अलग होता है:
बेहतरीन एक्सेलेरेशन: आप जैसे ही पैडल दबाते हैं, गाड़ी बिना किसी देरी के भागने लगती है।
शहर में ड्राइविंग आसान: ट्रैफिक में बार-बार रुकने और चलने के दौरान EV बहुत स्मूथ होती है।
चढ़ाई पर बेहतर प्रदर्शन: पहाड़ी रास्तों पर EV बिना संघर्ष किए आसानी से चढ़ जाती है।
Conclusion
इलेक्ट्रिक मोटर में टॉर्क ज्यादा होने का असली राज इसकी सरल बनावट और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक सिद्धांत में छिपा है। जहाँ कम्बशन इंजन को शक्ति बनाने के लिए 'साँस लेने' और 'ईंधन जलाने' का इंतजार करना पड़ता है, वहीं इलेक्ट्रिक मोटर बिजली की गति से काम करती है।