रूस का गहरा रहस्य: वो 'बंद शहर' जिनके बारे में दुनिया को पता नहीं!

Russia's dark secret you never know

रूस का वो गहरा राज जो दुनिया से छिपा है!

जब हम रूस के बारे में सोचते हैं, तो हमारे दिमाग में बर्फीले मैदान, खूबसूरत शहर और मजबूत नेतृत्व की तस्वीरें आती हैं। लेकिन इस विशाल देश ने अपने अंदर कुछ ऐसे गहरे राज़ छिपा रखे हैं, जिनके बारे में जानकर आप हैरान रह जाएंगे। इन्हीं में से एक राज है रूस के 'बंद शहर' (Closed Cities), जिन्हें आधिकारिक तौर पर ZATO (Закрытые административно-территориальные образования) कहा जाता है। ये वो शहर हैं जो नक्शों पर भी मौजूद नहीं थे और जिनकी दुनिया से कोई पहचान नहीं थी।

क्या हैं ये 'बंद शहर' (ZATO)?

सोवियत संघ के समय में इन गुप्त शहरों की स्थापना की गई थी। इन शहरों को बसाने का मकसद बेहद संवेदनशील सैन्य, औद्योगिक या वैज्ञानिक अनुसंधानों को दुनिया की नज़रों से छिपाकर रखना था। यहाँ पर परमाणु हथियार बनाए जाते थे, अंतरिक्ष कार्यक्रम पर काम होता था और खतरनाक जैविक हथियारों पर रिसर्च की जाती थी। इन शहरों के चारों ओर कटीले तार और सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा होता था। किसी भी बाहरी व्यक्ति का यहाँ आना पूरी तरह से प्रतिबंधित था, और यहाँ रहने वाले नागरिकों को भी बाहर जाने के लिए विशेष अनुमति की ज़रूरत पड़ती थी।

इन शहरों के अंदर का जीवन कैसा था?

बाहर से ये शहर किसी जेल की तरह लग सकते हैं, लेकिन अंदर रहने वालों के लिए यहाँ जीवन मिला-जुला था। एक तरफ जहाँ उन्हें सख्त निगरानी में रखा जाता था, वहीं दूसरी ओर उन्हें आम सोवियत नागरिकों से बेहतर सुविधाएँ मिलती थीं।

  • बेहतर सुविधाएँ: इन शहरों में रहने वाले लोगों को बेहतर आवास, अच्छी तनख्वाह और दुकानों में बेहतर सामान मिलता था, जो उस समय बाकी देश में आसानी से उपलब्ध नहीं था।
  • सख्त निगरानी: हर नागरिक पर खुफिया एजेंसियों की नज़र होती थी। उनकी हर गतिविधि को ट्रैक किया जाता था और बाहरी दुनिया से उनका संपर्क लगभग शून्य था।
  • यात्रा पर पाबंदी: यहाँ के निवासी अपनी मर्ज़ी से शहर के बाहर यात्रा नहीं कर सकते थे। रिश्तेदारों से मिलना भी एक बड़ी चुनौती हुआ करती थी।

आज क्या है इन शहरों की हकीकत?

सोवियत संघ के टूटने के बाद कई शहरों पर से प्रतिबंध हटा दिए गए, लेकिन आज भी रूस में लगभग 40 से ज़्यादा शहर 'बंद' हैं। ये शहर आज भी रूस की परमाणु ऊर्जा, रक्षा और अंतरिक्ष कार्यक्रमों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। उदाहरण के लिए, सरोव (Sarov) शहर, जहाँ पहला सोवियत परमाणु बम बनाया गया था, आज भी एक बंद शहर है। इन शहरों में प्रवेश के लिए आज भी कड़े नियम और विशेष परमिट की आवश्यकता होती है। ये शहर शीत युद्ध के दौर की एक ऐसी विरासत हैं जो आज भी रूस के गहरे रहस्यों को अपने अंदर समेटे हुए हैं।

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