वेला इंसीडेंट: इतिहास का सबसे बड़ा अनसुलझा परमाणु रहस्य

greatest nuclear mystery ever

इतिहास का सबसे बड़ा परमाणु रहस्य

क्या आप जानते हैं कि इतिहास में एक ऐसा परमाणु रहस्य दफ़न है जिसे आज तक कोई सुलझा नहीं पाया है? एक ऐसी घटना जिसने दुनिया की सबसे बड़ी ताकतों को भी उलझन में डाल दिया था। हम बात कर रहे हैं "वेला इंसीडेंट" (Vela Incident) की, जो 22 सितंबर, 1979 को दक्षिण अटलांटिक महासागर के ऊपर घटा था। उस दिन, अमेरिका के एक जासूसी सैटेलाइट ने कुछ ऐसा देखा, जिसने शीत युद्ध (Cold War) के दौर में खलबली मचा दी थी।

सैटेलाइट ने क्या देखा था?

अमेरिकी वेला सैटेलाइट (Vela Satellite) को ख़ास तौर पर परमाणु धमाकों का पता लगाने के लिए डिज़ाइन किया गया था। उस सुबह, सैटेलाइट ने एक "डबल फ्लैश" यानी दोहरी चमक दर्ज की। यह दोहरी चमक परमाणु विस्फोट का एक स्पष्ट संकेत होती है। पहली चमक असल धमाके से निकलती है और दूसरी चमक शॉकवेव के कारण आस-पास की हवा के गर्म होने से पैदा होती है। यह संकेत मिलते ही अमेरिकी सरकार में हड़कंप मच गया। सवाल एक ही था - क्या किसी ने गुप्त रूप से परमाणु परीक्षण किया है?

शक की सुई किस पर थी?

जांच शुरू हुई और शक की सुई मुख्य रूप से दो देशों पर जाकर टिक गई। इन सिद्धांतों ने इस रहस्य को और भी गहरा बना दिया:

  • इजरायल और दक्षिण अफ्रीका: उस समय, रंगभेद नीति के कारण दक्षिण अफ्रीका अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग था और माना जाता था कि वह इजरायल की मदद से गुप्त रूप से परमाणु हथियार विकसित कर रहा था। सिद्धांत यह कहता है कि दोनों देशों ने मिलकर यह गुप्त परमाणु परीक्षण किया था।
  • तकनीकी गड़बड़ी या उल्कापिंड: कुछ वैज्ञानिकों ने तर्क दिया कि हो सकता है कि सैटेलाइट में कोई तकनीकी खराबी आ गई हो या फिर किसी छोटे उल्कापिंड के टकराने से यह चमक दिखी हो। हालांकि, परमाणु विस्फोट की दोहरी चमक का पैटर्न इतना सटीक था कि इस थ्योरी पर ज़्यादातर विशेषज्ञों ने यकीन नहीं किया।

आज तक क्यों नहीं सुलझा ये रहस्य?

इस घटना की सबसे रहस्यमयी बात यह है कि इसके कोई पुख्ता सबूत आज तक नहीं मिले। आमतौर पर परमाणु परीक्षण के बाद वायुमंडल में रेडियोएक्टिव कण फैल जाते हैं, लेकिन उस इलाके से लिए गए हवा के नमूनों में ऐसा कुछ भी निर्णायक रूप से नहीं मिला। इसके अलावा, किसी भी देश ने आज तक इस परीक्षण की ज़िम्मेदारी नहीं ली है। अमेरिकी सरकार द्वारा बनाई गई एक पैनल ने अंत में यह निष्कर्ष निकाला कि यह शायद परमाणु धमाका नहीं था, लेकिन कई खुफिया रिपोर्ट्स और वैज्ञानिक आज भी इस निष्कर्ष को नहीं मानते।

वेला इंसीडेंट आज भी एक अनुत्तरित प्रश्न है। यह एक ऐसी पहेली है जो हमें याद दिलाती है कि तकनीक और जासूसी के इस युग में भी कुछ राज हमेशा के लिए राज़ रह जाते हैं।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने