टाइफाइड क्या है : typhoid kya hai (full information in hindi)
आजकल इस कोरोना काल में लोग टाइफाइड होने पर भी इसे कोरोना समझ लेते हैं। लेकिन टाइफाइड कोरोना से एक अलग बीमारी है। आइये जानते टाइफाइड के बारे में पूरी जानकारी :-
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| typhoid kya hai |
60-70 साल पहले टाइफाइड हर साल हजारों जानें ले लेता था, किंतु अब चिकित्सा विज्ञान की सहायता से इसे बहुत हद तक नियंत्रित किया जा चुका है। टाइफाइड (Typhoid) एक भयानक संक्रामक रोग है, जो एक प्रकार के जीवाणु (Bacteria) से फैलता है। चिकित्सा विज्ञान की भाषा में इसे बैसिलस सेलमोनेला टायफोसा कहते हैं।
टाइफाइड कैसे फैलता है ?
यह गंदे भोजन या गंदे पानी के साथ शरीर में प्रवेश करके खून तक पहुंच जाता है। यह खून को प्रभावित करके पूरी रक्त व्यवस्था को दूषित कर देता है। इस बीमारी में बुखार, खांसी, त्वचा का उधड़ना, तिल्ली का बढ़ जाना और सफेद रक्त कोशिकाओं की संख्या में कमी हो जाना आदि होता है।
टाइफाइड की जितनी भी महामारियां अधिकतर कुएं, तालाब के पानी या डेरियों के दूध के दूषित होने से फैलीं।टाइफाइड के जीवाणु वाहक द्वारा पकने से पहले भोजन सामग्री में भी पहुंच सकते हैं। मक्खियां भी इन जीवाणुओं को इधर से उधर पहुंचाती हैं । टाइफाइड बुखार के ठीक हो जाने के बाद भी शरीर में इसके जीवाणु बचे रह जाते हैं।
टाइफाइड के लक्षण क्या हैं ?
इस बीमारी में भूख भी कम लगती है। लगातार बुखार रहता है, जो 39.4° सेंटीग्रेड से 40° सेंटीग्रेड तक पहुंच जाता है। एक या दो सप्ताह बाद बुखार कम होना शुरू हो जाता है। लगभग तीस दिन में शरीर का तापमान सामान्य होता है।
