First Indian Empire : प्रथम भारतीय साम्राज्य कब स्थापित हुआ था?
भारत का इतिहास हजारों वर्षों पुराना है। यहाँ अनेक सभ्यताएँ, राज्य और साम्राज्य बने और समाप्त हुए, लेकिन राष्ट्र की आत्मा जीवित रही। भारत की विशेषता रही है — भिन्नताओं में एकता। यही कारण है कि राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बावजूद भारत एक सांस्कृतिक राष्ट्र के रूप में कायम रहा।
आज हम जिस राजनीतिक एकता को देखते हैं, उसका एक बड़ा ढांचा ब्रिटिश शासन के दौरान बना, लेकिन उससे बहुत पहले भी भारत में विशाल साम्राज्य स्थापित हुए थे। प्रश्न उठता है —
👉 भारत का प्रथम साम्राज्य कौन-सा था?
👉 यह कब स्थापित हुआ था?
इसका उत्तर है — मौर्य साम्राज्य (Mauryan Empire), जिसकी स्थापना लगभग 321 ईसा पूर्व में हुई थी।
साम्राज्य क्या होता है?
साम्राज्य (Empire) वह राज्य होता है जो कई जीते हुए क्षेत्रों और राज्यों पर एक सम्राट के अधीन शासन करता है।
भारत में प्राचीन काल में अनेक छोटे-छोटे जनपद और महाजनपद थे, परंतु एक विशाल और केंद्रीकृत साम्राज्य का उदय पहली बार मौर्य काल में हुआ।
मौर्य साम्राज्य की स्थापना (321 ईसा पूर्व)
सिकंदर का आक्रमण और भारत की राजनीतिक स्थिति
326 ईसा पूर्व में मकदूनिया के राजा सिकंदर (Alexander) ने भारत के उत्तर-पश्चिमी भाग पर आक्रमण किया। यद्यपि वह आगे नहीं बढ़ सका, लेकिन उसके आक्रमण ने भारतीय उपमहाद्वीप की राजनीतिक कमजोरियों को उजागर कर दिया।
उस समय मगध पर नंद वंश का शासन था। नंदों के पास विशाल सेना और धन था, लेकिन उनकी नीतियाँ अलोकप्रिय थीं।
चंद्रगुप्त मौर्य का उदय
चंद्रगुप्त मौर्य प्रारंभ में नंद वंश की सेना में एक प्रमुख पद पर था (कुछ स्रोतों के अनुसार सेनापति)। किसी कारणवश उसका नंद शासक से विवाद हुआ और उसने विद्रोह किया, परंतु प्रारंभ में असफल रहा।
यहीं से इतिहास में प्रवेश होता है —
आचार्य चाणक्य (कौटिल्य)
चाणक्य उस समय के महान राजनीतिक चिंतक, शिक्षक और रणनीतिकार थे। वे भी नंद शासन के विरोधी थे। उन्होंने चंद्रगुप्त को प्रशिक्षित किया और उसके साथ मिलकर नंद वंश को समाप्त करने की योजना बनाई।
लगभग 321 ईसा पूर्व में नंद वंश का अंत हुआ और मौर्य वंश की स्थापना हुई।
मौर्य साम्राज्य का विस्तार
चंद्रगुप्त मौर्य ने अपने साम्राज्य का विस्तार किया:
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पूर्व में बंगाल (गंगा का मुहाना)
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पश्चिम में हिन्दुकुश पर्वत
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उत्तर-पश्चिम में आज का अफगानिस्तान
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वर्तमान पाकिस्तान का अधिकांश भाग
यूनानी इतिहासकार मेगास्थनीज (Megasthenes), जो सेल्यूकस निकेटर का राजदूत था, ने अपनी पुस्तक Indica में चंद्रगुप्त के प्रशासन का विस्तृत वर्णन किया है।
सेल्यूकस के साथ संधि
305 ईसा पूर्व में चंद्रगुप्त ने सिकंदर के उत्तराधिकारी सेल्यूकस निकेटर को पराजित किया। संधि के परिणामस्वरूप:
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अफगानिस्तान के कुछ क्षेत्र मौर्य साम्राज्य में शामिल हुए
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वैवाहिक संबंध स्थापित हुए
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500 युद्ध हाथियों का आदान-प्रदान हुआ
यह भारत की पहली बड़ी अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक सफलता मानी जाती है।
प्रशासन और शासन व्यवस्था
चंद्रगुप्त मौर्य का शासन अत्यंत संगठित था।
1️⃣ केंद्रीकृत शासन प्रणाली
एक शक्तिशाली सम्राट के अधीन पूरा साम्राज्य था।
2️⃣ प्रांतीय प्रशासन
साम्राज्य को प्रांतों में विभाजित किया गया था।
3️⃣ ग्राम स्तर पर लोकतांत्रिक तत्व
ऊपर से राजशाही थी, लेकिन गाँवों में स्थानीय स्वशासन की व्यवस्था थी।
4️⃣ विशाल सेना
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लाखों सैनिक
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हजारों घुड़सवार
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रथ और हाथी सेना
यही सेना साम्राज्य की शक्ति का आधार थी।
कौटिल्य का अर्थशास्त्र – विश्व की महान प्रशासनिक पुस्तक
आचार्य चाणक्य द्वारा लिखित 'अर्थशास्त्र' आज भी प्रशासन, अर्थनीति, विदेश नीति, जासूसी व्यवस्था और कर प्रणाली के अध्ययन का महत्वपूर्ण ग्रंथ है।
इसमें शामिल हैं:
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कर व्यवस्था
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गुप्तचर तंत्र
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युद्धनीति
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आर्थिक नीति
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राज्य प्रबंधन
कई आधुनिक विद्वान इसे मैकियावेली की The Prince से भी अधिक व्यावहारिक और विस्तृत मानते हैं।
मौर्य साम्राज्य का स्वर्ण युग – सम्राट अशोक
चंद्रगुप्त के बाद उसके पुत्र बिंदुसार और फिर सम्राट अशोक सत्ता में आए।
अशोक मौर्य साम्राज्य का तीसरा महान शासक था। उसने:
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दक्षिण-पूर्व और दक्षिण के कुछ राज्यों को छोड़कर लगभग पूरे भारत को एकजुट किया
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कलिंग युद्ध (261 ईसा पूर्व) के बाद बौद्ध धर्म अपनाया
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धम्म नीति लागू की
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शिलालेखों के माध्यम से नैतिक शासन का संदेश दिया
अशोक का साम्राज्य भारतीय इतिहास का सबसे विशाल प्राचीन साम्राज्य माना जाता है।
क्या मौर्य साम्राज्य ही पहला भारतीय साम्राज्य था?
इतिहासकारों के अनुसार:
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हड़प्पा सभ्यता अत्यंत उन्नत थी, लेकिन वह राजनीतिक साम्राज्य नहीं थी।
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महाजनपद काल में बड़े राज्य थे, परंतु वे एकीकृत साम्राज्य नहीं थे।
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मौर्य साम्राज्य पहला ऐसा राज्य था जिसने विशाल भूभाग को एक केंद्रीय सत्ता के अधीन संगठित किया।
इसलिए मौर्य साम्राज्य को भारत का प्रथम साम्राज्य माना जाता है।
मौर्य साम्राज्य का ऐतिहासिक महत्व
✔ भारत की पहली राजनीतिक एकता
✔ संगठित प्रशासनिक ढांचा
✔ शक्तिशाली सेना
✔ अंतरराष्ट्रीय कूटनीति
✔ आर्थिक संगठन
✔ नैतिक शासन (अशोक काल)
निष्कर्ष
भारत का प्रथम साम्राज्य मौर्य साम्राज्य था, जिसकी स्थापना 321 ईसा पूर्व में चंद्रगुप्त मौर्य ने आचार्य चाणक्य के मार्गदर्शन में की थी।
यह साम्राज्य न केवल राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि प्रशासन, अर्थव्यवस्था और कूटनीति के क्षेत्र में भी अत्यंत उन्नत था।
मौर्य काल ने भारतीय इतिहास को एक नई दिशा दी और भारत की राजनीतिक एकता की मजबूत नींव रखी।किया।
❓ 3️⃣ FAQ Section
1. भारत का पहला साम्राज्य कौन-सा था?
भारत का पहला साम्राज्य मौर्य साम्राज्य था।
2. मौर्य साम्राज्य की स्थापना कब हुई?
मौर्य साम्राज्य की स्थापना 321 ईसा पूर्व हुई थी।
3. मौर्य वंश का संस्थापक कौन था?
मौर्य वंश के संस्थापक चंद्रगुप्त मौर्य थे।
4. चाणक्य का मौर्य साम्राज्य में क्या योगदान था?
चाणक्य ने नंद वंश के पतन की रणनीति बनाई और चंद्रगुप्त को प्रशिक्षित कर मौर्य साम्राज्य की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
5. मौर्य साम्राज्य का सबसे प्रसिद्ध शासक कौन था?
मौर्य साम्राज्य का सबसे प्रसिद्ध शासक सम्राट अशोक था।

